'जब तक जीना है खटना-कमाना है और क्या है जीवन में?
आज मम्मी ने ये बात किसी बात के सन्दर्भ में कही। ये एक लाइन मन में अटकी रह गयी है। मैं सोच रहा हूँ कि कितनी सहजता से मम्मी ने इतनी बड़ी बात कह दी। इतनी बड़ी बातें सहजता से ही आती हैं मन में। इस एक लाइन में माँ के वृहद् जीवन अनुभव का सार है।
मैं तब से सोच ही रहा हूँ कि आखिर क्या ही है जीवन में कमाना-खटना। धीरे-धीरे जैसे ये समय बीत रहा है मैं इस बात को बहुत अच्छे से समझ रहा हूँ और
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